स्पेशल चाइल्ड वेलफेयर आर्गेनाइजेशन

संस्था के उद्देश्य (Objectives of Society)

( ये उद्देश्य बहुद्देशीय से सम्बंधित है )

  • समाज के तथा स्पेशल चाइल्डों के सामाजिक, मानसिक व आर्थिक व शैक्षणिक उत्थान हेतु नर्सरी, प्राथमिक, उच्चाप्राथामिक, हाई स्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक से परास्नातक शिक्षा संस्थाओं की स्थापना कर पठन-पठान की आदर्श व्यवस्था करना व उनका संचालन करना !

  • संस्था का मुख्या उद्देश्य बालक एवं बालिकाओं विशेषकर जो सामान्य से हटकर हैं उनके शैक्षिक/सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान हेतु प्राथमिकता एवं वरीयता पर कार्य करना, उनको आधुनिक शिक्षा से जोड़ने व उनको उच्च स्तरीय ज्ञान प्रदान करना है |

  • समाज के उपेक्षित लोगों जैसे – अंधे, कुष्ठ रोगी व मूक वधिरों विकलांगों व निराश्रित, लाचार बच्चों-वृद्धजनों के लिए कार्य करना |

  • संस्था का उद्धेश्य शिक्षा के विकास हेतु नर्सरी, प्राईमरी शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा हेतु प्राईमरी स्कूल, जूनियर हाई स्कूल, हाई स्कूल, इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज, पी०जी० कॉलेज की स्थापना करना तथा निशुल्क दूरस्थ शिक्षा, तकनीकी, व्यावसायिक, औद्योगिक एवं ग्रामोद्योगी व कृषि शिक्षा, शिक्षक-प्रशिक्षण व मदरसों व शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों, व उच्च शिक्षा हेतु नियमानुसार मान्यता प्राप्त कर विद्यालय/शोध संस्थानों आदि की स्थापना करना व उनका विधिवत संचालन करना तथा आवश्यकता पड़ने पर निशुल्क दूरस्थ शिक्षा प्रदान कर युवक-युवतियों को स्वावलम्बी एवं आत्म निर्भर बनाना |

  • संस्था का उद्देश्य विभिन्न रोगों के सम्बन्ध में जनता को जागरूकता शिवरों, गोष्ठियों राहत शिविरों, जनजागृति शिविरों, पोलियो टीका करण, टी०बी०, कैंसर, फाइलेरिया, मलेरिया, डेंगू चिकिन पोक्स, एड्स तथा मानसिक रोग व अन्य संक्रामक रोगों व रक्तदान के बारे में जानकारी प्रदान करना तथा इनके सम्बन्ध में भ्रांतियों को लोगो के मन से दूर कर उन्हें जागरूक बनाना तथा सरकार व गैर सरकारी संस्थानों, निगम, बोर्ड तथा चिकित्सा विभाग द्वारा इनके निराकरण हेरू चलाये जा रहें कार्यक्रमों में उनका सहयोग करना |

  • संस्था का उद्देश्य निर्धन असहाय, निराश्रित, विधवा, विकलांग महिलाओं व बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करना व उनके लिए प्रौड़ शिक्षा जैसे कार्यक्रमों का संचालन करना व बच्चों के लिए क्रीडा केन्द्रों, व्यायामशाला, पुस्तकालय, वाचनालय एवं खेल सामिग्री की उचित व्यवस्था करना |

  • संस्था का उद्देश्य महिलाओं व बच्चों की शिक्षा के उत्तरोत्तर विकास हेतु केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार समाज कल्याण विभागों आदि से दान, अनुदान, एवं चंदा आदि प्राप्त करना एवं प्राप्त आय को संस्था के हितार्थ व्यय करना व बाल विद्यालय की स्थापना तथा सरकार द्वारा संचालित मिड दे मील योजना में सक्रिय भागीदारी करना व योजनाओं का संचालन करना |

  • समाज की निर्धन कन्याओं का दहेज़ रहित सामूहिक विवाहों का आयोजन करना एवं परित्यक्ताओं व विधवाओं को पुर्नविवाह हेतु प्रेरित करना |

  • विकलांगो के उपचार हेतु सरकार द्वारा चलाई जाने वाली यौजनाओं में सहायता प्रदान करना एवं निशुल्क चिकित्सा हेतु चिकित्सालय की व्यवस्था व रक्तदान शिविरों का आयोजन करना | बालआश्रम, अनाथालय एवं वृद्धाश्रम, गौशाला, नशा मुक्ति केंद्र तथा अन्य स०सेवा केन्द्रों व अन्य धर्मार्थ संस्थानों की स्थापना कर उनका संचालन करना व उन्हें स्वावलम्बी बनाना |

  • निर्धन एवं अनाथ लोगों व पिछड़ें क्षेत्रों के विकास हेतु केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के सम्बंधित विभागों, मंत्रालयों जैसे – स्वास्थ्य परिवार कल्याण, यूनीसेफ, हडकों, महिला एवं बाल विकास विभाग, कपार्ट, क्राई, सिप्सा, नावार्ड, नीराड, डूडा, सूडा, सिडवी, राष्ट्रीय महिला कोष, बाल विकास पुष्टाहार, महिला कल्याण एवं बाल कल्याण निधी महिला कल्याण निगम, राष्ट्रीय बाल भवन, हस्त वस्त्रशिल्प मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय, मत्स्य विभाग, समाज कल्याण बोर्ड, केंद्रीय समाज कल्याण सलाहकार बोर्ड, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, श्रम मंत्रालय, राजीव गाँधी फाउंडेशन, विश्व स्वास्थ्य संगठन, विज्ञान एवं अधिकारिता मंत्रालय, पशुपालन विभाग, उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, खादी ग्रामोद्योग आयोग, एल.आई.सी. आदि के वित्तीय सहयोग से चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं व कार्यक्रमों को चलाकर नागरिकों का सर्वागीण विकास करना |

  • भारत सरकार द्वारा नेहरु युवा केन्द्रों के माध्यम से युवक – युवतियों को कल्याणकारी योजना की जानकारी प्रदान करना व ग्रामीण अंचल में रोजगार परक शिक्षा उपलब्ध करना व किसान, मजदूरों व जन सामान्य की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन के सहयोग से समाप्त करना/कराना |

  • संस्था का उद्देश्य पत्र, पत्रिकाओं का निशुल्क प्रकाशन कर वितरण करना |

  • विकलांग व दृष्टिहीन बच्चों के कल्याण हेतु निशुल्क शिक्षा/रोजगार परक शिक्षा, चिकित्सा, आवास, व कृत्रिम अंग आदि की व्यवस्था करना |

  • जल प्रबंधन, कृषि अभियंत्रण कृषि रक्षा, कृषि, आधारित ग्राम उद्योग यांत्रिक आविष्कार, अनुसंधान के सम्बन्ध में कार्य करना तथा बंजर भूमि व ऊसर भूमि सुधार कार्यक्रमों का संचालन कर भूमि को उपजाऊ व कृषि योग्य बनाना व किसान, मजदूर लोगों का सहयोग करना |

  • प्रदूषित कुओं और जलाशयों की सफाई का अभियान चला कर पर्यावरण व प्रदूषण के सम्बन्ध में जनता में प्रचार व प्रसार करना | तथा पर्यावरण व प्रदूषण नियंत्रण के लिये वृक्षारोपण, वनीकरण व प्रदूषण नियंत्रण सम्बंधित यंत्रो एवं उपकरणों की व्यवस्था करना |

  • शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विकास हेतु केंद्रीय एवं राज्य सरकार, निगम तथा बोर्ड आदि के सहयोग से सम्बंधित विभागों एवं मंत्रालयों द्वारा क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं जैसे शुध्द पेयजल की व्यवस्था व पानी की समस्या हेतु हैण्डपंप, टंकी, लगवाना क्षेत्र को मुख्य संपर्क मार्ग से जोड़ने हेतु सड़क खंडजा तथा मलिन बस्तियों का सुधार, सफाई व शौचालयों, सामुदायिक केन्द्रों आश्रम स्थल की स्थापना करना/निर्माण करना तथा लोगों को बिजली पानी गैस आदि की बचत करने के लिए जागरूक करना व इनके द्वारा होने वाले हानि लाभ के बारे में बताना व इनके दुरुपयोग के सम्बन्ध में जागरूक करना तथा समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास करना |

  • समाज से बेरोजगारी को दूर करने हेतु युवा वर्ग के लोगों, मजदूरों/कारीगरों को तकनीकी व ग्रामोद्योग इकाईयों की स्थापना कर संचालन करना !

  • पर्यावरण सुधार हेतु जागरूकता शिविरों का आयोजन कर नागरिकों को पर्यावरण विकास के लिए प्रेरित करना एवं जगह-जगह वृक्षारोपण कराना एवं पर्यावरण रक्षा गोष्ठियों का आयोजन कर बढ़ते प्रदूषण को कम करने का हर सम्भव प्रयास करना तथा सामाजिक वानिकी कार्यक्रम को चलाना व खाली पड़ी ऊसर बंजर भूमि पर सघन वृक्षीकरण का कार्य कर वनीकरण को बढ़ावा देना व अवैध लकड़ी कटाई को रोकने में सरकार का सहयोग करना व पर्यावरण की रक्षा हेतु विभिन्न कार्यक्रम जैसे – ओजोन की परत क्षरण कार्यक्रम, वृक्षारोपण, भूमि अपरदन कार्यक्रम, वायु, जल, ध्वनि, मृदा तथा रेडियोधर्मी प्रदूषण की समस्या के उन्मूलन के कार्य करना |

  • महिलाओं के सर्वागीण विकास हेतु शहरी एवं ग्राम्य क्षेत्र के पिछड़ें क्षेत्रों एवं मलिन बस्तियों में स्वच्छता, साक्षरता, परिवार नियोजन, शिशु पोषण महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम बाल टीकाकरण कार्यक्रमों, गर्भवती महिलाओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परिक्षण आदि कार्यक्रम चलाना तथा उनके कल्याण हेतु सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की उन्हें जानकारी देना एवं समय-समय पर जागरूकता शिविरों का आयोजन करना | सरकार के वित्तीय सहयोग से चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनों व कार्यक्रमों को चलाकर महिलाओं/नागरिकों का सर्वागीड विकास करना |

  • महिलाओं व युवक-युवतियों को स्वरोजगार हेतु केंद्रीय एवं राज्य सरकार, निगम बोर्ड, सम्बंधित विभागों के वित्तीय सहयोग से उनके कल्याण व उन्हें आत्म निर्भर व स्वावलम्बी बनाने हेतु सुलभ रोजगार परक प्रशिक्षण जैसे सिलाई, कढाई, कताई, बुनाई, हस्तशिल्प कला, वास्तुकला दस्तकारी, दरी कालीन ड्राइंग पेंटिंग कला प्रशिक्षण तथा टंकण आशुलिपि एवं कंप्यूटर प्रशिक्षण हार्डवेयर, सॉफ्टवेर इन्टरनेट, इलेक्ट्रिक, इलेक्ट्रॉनिक्स फैशन डिजाइनिंग, संगीत व नृत्य प्रशिक्षण, महेंदी कढाई, टैक्सटाइल, डिजाइनिंग, ब्यूटिशियन व घरेलु उपकरण आदि मरम्मत का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना तथा उनमें जागरूकता पैदा करना |

  • आश्रित महिलाओं एवं अनाथ बच्चों के कल्याण हेतु समय-समय पर विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रम चलाना, आंगनवाडी, बालवाडी, नारी निकेतन, प्रौढ़ शिक्षा केन्द्रों, अनौपचारिक शिक्षा कार्यक्रम सांस्कृतिक कला केन्द्रों व बालश्रमिक बच्चों के उत्थान हेतु बाल श्रमिक विद्यालय की स्थापना कर उनके उत्थान हेतु कार्य करना व भ्रूण हत्या के सम्बन्ध में जन-जागृति पैदा करना |

  • संस्था ऐसे पाठ्यक्रमों का न तो संचालन करेगी और न ही कोई उपाधि व प्रमाण पत्र प्रदान करेगी जिसका संचालन राज्य सरकार/भारत सरकार द्वारा विधि द्वारा संस्थापित बोर्डों/विश्वविद्यालयों द्वारा किया जाता हैं संस्था ऐसा करने से पूर्व राज्य सरकार/भारत सरकार से विधिवत अनुमति प्राप्त करेगी |

सत्यपाल सिंह (अध्यक्ष / चेयरमैन)

स्पेशल चाइल्ड वेलफेयर आर्गेनाइजेशन

पंजीकरण संख्या : MAT/00239/2018-2019

Skip to toolbar