माता पिता का सम्मान                                              हमारे माता पिता हमारे लिए आदरणीय है! उन्होंने हमे जन्म दिया है,हमारा पालन पोषण किया है,हम परअनगिनत उपकार किए हैं,जिसका बदला चुका पाना असंभव है!                                                       दोस्तों आज मे आपको एक मां बेटे की कहानी बताउंगा,में आप से गुजारिश करुंगा कि आप इस कहानी को पुरा पढें,और अपने माता पिता का सम्मान करें                                                              दोस्तों एक बार एक मां अपने बेटे बहु के साथ अपने घर मे रहती थी बेटे का नाम राम था और वह नौकरी करता था ,बेटे के काम पर जाने के बाद  बहु राम की बुढ़ी मां से घर का सारा काम करवाती,कपड़े धुलवाती,बर्तन साफ करवाती,और समय पर काम न होने पर उसे पिटती, यह सब देखकर राम को बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता था तो राम ने अपनी मां को वर्दाश्रम मे भेज दिया और घर पर एक नौकर रख लिया !                                एक दिन राम और उसकी पत्नी ने अपना भविष्य जानने के लिए एक पण्डित को घर पर बुलाया और कहा पण्डित जी हमारा भविष्य बताइए ,तो पण्डित बोला आप दोनों का भविष्य एक जैसा है और आप दोनों का भविष्य अपनी माता के भविष्य के जैसा है,जितने सुख आपकी माता को मिलेंगे उतने ही सुख आप दोनों को मिलेंगे,जितनी उम्र आपकी माता की होगी उतनी उम्र आप दोनों की होगी,जिस जगह आपकी माता की मृत्यु होगी उसी जगह आप दोनों की मृत्यु होगी, यह सब सुनकर दोनों पती पत्नी परेशान हो गए और रात भर सोचते रहे ,सुबह उठते ही राम की पत्नी ने राम को कार की चाबी सौंपी ,राम जो पहले से हि तैयार खड़ा था ,कार लेकर शीधा वृदाश्रम गया और अपनी मां को घर पर ले आया ,और दोनों ने मां के पैरों मे पड़कर मां से माफी मांगी ,और अपनी माता की सेवा करने लग गए!                                                                   तो दोस्तों माता पिता हमारे पहले गुरु है,भगवान से भी पहले उनकी पुजा कि जाती है,माता पिता कि सेवा करने से भगवान भी खुश होते है,माता पिता के चरणों मे स्वर्ग होता है,उनकेआर्शीवाद से सफलता मिलती है!                                                                                                                                 लेखक:सांवरमल गोदारा, SANWARMAL GODARA, sanwarmalg998@gmail.com

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