असली प्यार क्या है ?

प्यार शब्द हमेशा अधूरा होता है तथा ये हमेशा से दुखद अनुभव प्राप्त होता है क्यूंकि प्यार का पहला अक्षर ही अधूरा है जो हम आज तक समझ ही नही पा रहे है हम अपने से ज्यादा दूसरों में प्यार पाने की उम्मीद दिलों में बसाये हुए है।जो व्यक्ति अपने आप से प्यार कभी नही किया वो साप्ताहिक प्यार वेलेंटाइन डे में ढूंढता है। जिस दिन से व्यक्ति अपने-आप से प्यार करने लगेगा उसे आत्मज्ञान,सकारात्मक सोच,उम्मीदों और बंधनों से परे एक खूबसूरत एहसास मिलेगा।

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